एक इंसान कितना भी हो
बहादुर,शुरवीर और शक्तिशाली,
लेकिन माया-मोह से इस
दुनिया में कोई परे नहीं,
दिखता है जो जैसा इंसान,
आज वैसा होता नहीं,
जो वास्तव में जैसा दिखता
है,उसे न जाना जाता है,
और न ठीक से पहचाना जाता है
यह भी एक सच्चाई है,
उलझे हैं इस आपाधापी जीवन में सभी,
हर मनुष्य अपने-अपने कामों में,
धरती पर जो लोग
लेकिन जिंदा तो है पर,
इस धरती पे उनका अस्तित्व कुछ भी नहीं,
बाजारों में मनुष्य से मुलाकातें
तो हर रोज़ मुझे होती हैं,
लेकिन मनुष्यता कुछ के अंदर
मुझे दिखती है,
खो चुके हैं सब इस ज़िंदगी के मेले में,
जहाँ भीड़ तो दिखती है,
लेकिन सब अनभिज्ञ हैं ख़ुद से,
खोजते हैं दूसरों में ज़िंदगी,
जीवन जीना उतना आसान नहीं,
अपनत्व की डोर न हो जहाँ,
वहाँ किसी से किसी को पहचान नहीं।
GAURAV Jha ( Writer , Columnist & Journalist ) ---------‐--------------------------‐----------------------------------------- राजस्थान अपनी संस्कृति, वेशभूषा, पहनावा, त्योहारों और संगीत के अलावा अनोखे खूबसूरत, प्रसिद्ध किलों के लिए काफ़ी मशहूर है। अगर आप घूमने के शौकीन हैं तो आप घूम सकते हैं। जी हाँ! आप राजस्थान के जयपुर शहर में घूमने का प्लान बनाएँ। क्योंकि घुमना अथवा घुमक्कड़ी करना भी एक कला है, घुमक्कड़ी के दौरान जहाँ भी घुमने जाइए। आप उस राज्य की संस्कृति, पहनावे, त्योहारों और खान-पान का लुत्फ़ उठाईए ।यकीनन उस राज्य के लोगों के बारे में जानिए, समझिए, थोड़ी बहुत गुफ्तगू कीजिए। किसी भी देश अथवा राज्य की असली पहचान वहाँ की संस्कृति, कला, शिक्षा-प्रणाली, त्योहारों,नृत्य-संगीत और वहाँ के इतिहास से होती है। राजस्थान के कई शहर ऐसे हैं, जहाँ जाकर इतिहास के पन्नों को एक बार फिर पलटने का मन करने लगता है। ऐसी ही एक खूबसूरत शहर है 'जयपुर, जो राजस्थान की राजधानी भी है। यहाँ राजा-महाराजाओं...
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