हम लोग हैं "गौरव"ऐसे जल्दी किसी के जान का सौदा कभी भी नहीं करते,
करते हैं गैरों को अपनी जान देकर बचाना,लेकिन जियादा हम दिखावा नहीं करते।
कलमकार हूँ ,इस झूठे फरेबों के बाजारों को देखकर चुप रहते हैं कभी-कभी बेशक,
जो हूँ वहीं लिखता हूँ, दुश्मन भी गर प्यार से मिले तो लुटा देता हूँ अपनी जान,
जो हूँ अपनी बदौलत फिर भी हर किसी को मसलने की हम तमन्ना नहीं करते।
हथेलियों की लकीरों से जियादा खुद पे होता है भरोसा,नफ़रत के बीच हम बोया नहीं करते,
थक जाते हैं चलते-चलते हम अक्सर इस दौर में बेशक, लेकिन किस्मत पे कभी हम रोया नहीं करते।
फरेबों की दुनिया में बिकते हैं ईमान रोज़, हैं क़लम के बेटे हम जल्दी सौदा नहीं करते,
आदतन है मेरी सच लिखने की हमेशा,मौत भले आ जाएँ लेकिन समझौता नहीं करते।
करते हैं झुककर गुफ्तगू अपनों से इस दौर में हम बेशक" ए गौरव"
गरजते हैं जो बादल पता है मुझे,वो जमीं पे कभी बरसा नहीं करते।
GAURAV Jha ( Writer , Columnist & Journalist ) ---------‐--------------------------‐----------------------------------------- राजस्थान अपनी संस्कृति, वेशभूषा, पहनावा, त्योहारों और संगीत के अलावा अनोखे खूबसूरत, प्रसिद्ध किलों के लिए काफ़ी मशहूर है। अगर आप घूमने के शौकीन हैं तो आप घूम सकते हैं। जी हाँ! आप राजस्थान के जयपुर शहर में घूमने का प्लान बनाएँ। क्योंकि घुमना अथवा घुमक्कड़ी करना भी एक कला है, घुमक्कड़ी के दौरान जहाँ भी घुमने जाइए। आप उस राज्य की संस्कृति, पहनावे, त्योहारों और खान-पान का लुत्फ़ उठाईए ।यकीनन उस राज्य के लोगों के बारे में जानिए, समझिए, थोड़ी बहुत गुफ्तगू कीजिए। किसी भी देश अथवा राज्य की असली पहचान वहाँ की संस्कृति, कला, शिक्षा-प्रणाली, त्योहारों,नृत्य-संगीत और वहाँ के इतिहास से होती है। राजस्थान के कई शहर ऐसे हैं, जहाँ जाकर इतिहास के पन्नों को एक बार फिर पलटने का मन करने लगता है। ऐसी ही एक खूबसूरत शहर है 'जयपुर, जो राजस्थान की राजधानी भी है। यहाँ राजा-महाराजाओं...
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